मधुमेह बीमारीक दोसर अवस्था (stage)

 04-11-2022 




आइ  हम  चर्चा  क s  रहल  छी  मधुमेह  बीमारी  केर  दोसर  चरण  बारे  मे । 

प्रथम  चरण  मे  जे शरीरक  कोशिका  सभ  द्वारा  इन्सुलिन प्रतिरोध  प्रारंभ  होइत  अछि  ताहि  सं  रक्त  नलिका  मे  इन्सुलिन  अधिकता  होमय  लगैत  अछि। तें  दोसर  चरण के  हाइपरइन्सुलिनोमिया  सेहो  कहल  जाइत  अछि ।रक्त  मे   आवश्यकता  सं  अधिक  इन्सुलिन  होयब  शरीर  लेल  ठीक  नहि । ई  बढल  इन्सुलिन  पहिने  छोट  छोट  रक्त  नलिका  जे प्रायः  शरीरक  सब  महत्वपूर्ण  अंग  तक  पहुंचैत  अछि , ओकरा  क्षति  पहुंचेनाई प्रारंभ  क s  दैत अछि।  पातर - पातर  रक्त  नलिका  मस्तिष्क  मे , आँखि   मे  और  अनेक  महत्वपूर्ण  अंग  मे  होइत  अछि । इन्सुलिन  केर  कुप्रभाव  सं  एहि  पातर  पातर  रक्त  नलिकाक आंतरिक  झिल्ली , जकरा  एन्डोथेलिअम  झिल्ली  कहल  जाइत  अछि  ओ  क्षतिग्रस्त  होमय  लगैत  अछि ।  ओहि  क्षतिग्रस्त स्थान  पर  खइठी (Plaque) परि जाइत  अछि ।  एहि   खइठी सं  रक्तक  सामान्य   प्रवाह  ओहि  अंग  मे  वाधित  होमय  लगैत  अछि । 


मधुमेह  केर  दोसर  चरण  मे  किछु  किछु  लक्षण  सेहो  आवय लगैत  अछि ।   अकारण  थकान - थकान  सनक  अनुभूति  ,वजन  मे  बृद्धि , मोटापा , गर्दैन  क्षेत्र  मे  बहुत  हल्का  हल्का कारीपन  इत्यादि  इत्यादि  लक्षण  सभ  आबि  सकैत  अछि । एहि  दोसर चरण  केर  पुष्टि  रक्त  परीक्षण  सं  कइल  जा  सकैत  अछि।  मधुमेह  के  दोसर  चरण  स्थिति  3-4  साल  धरि  रहि  सकैत  अछि । 

तें  ओहि  चरण  मे  अगर ध्यान  दी  आ  तद  अनुकूल  अपन  खान - पान  रहन  सहन  मे  सुधार  कए  ली  त s  बहुत  श्रेयस्कर ।  ओहि  सं  मधुमेह  के  प्रवेश  निषेध  भ  जायत ।  जे  छोट  मोट  समस्या  आवय  लागल  छल  ओहो  पूर्ण रुपेण  ठीक  भ s  जायत । 

ई  भेल  मधुमेह  केर  दोसर  चरण ।  अगिला  चरण  के  विषय  मे  हम  अपन  अगिला  ब्लॉग  मे  चर्चा  करब ।     

 


          

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